नात लिरिक्स

Ali Ali Ya Ali Haq Ali

अली अली या अली हक़ अली

शायर: कमाल हाजीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

'अली ज़िंदा है, 'अली मौजूद है'अली इमामिम-मुबीन है'अली हुसैन है, ज़ैन-उल-'आबिदीन है'अली ही हक़ है, अमीर-उल-मोमिनीन है

'अली 'अली या 'अली ! हक़ 'अली'अली 'अली या 'अली ! हक़ 'अली

मुश्किल-कुशा मौला 'अली

'अली 'अली या 'अली ! हक़ 'अली'अली 'अली या 'अली ! हक़ 'अली

'अली 'अली हक़, 'अली 'अली हक़'अली 'अली, मौला 'अली'अली 'अली हक़, 'अली 'अली हक़'अली 'अली, मौला 'अली

तेरे ज़िक्र में मैं चलता रहाइस फ़िक्र में मैं जलता रहाये राज़ फिर मुझ पे खुलादिल में देखा, तू वहीं मिला

'अली... 'अली...

हर ज़ख़्म का मरहम है तूहर दर्द की है तू दवाकर दे करम, दे दे शिफ़ा

'अली 'अली मौला 'अली !

'अली 'अली या 'अली ! हक़ 'अली'अली 'अली या 'अली ! हक़ 'अली

'अली 'अली हक़, 'अली 'अली हक़'अली 'अली, मौला 'अली'अली 'अली हक़, 'अली 'अली हक़'अली 'अली, मौला 'अली

तेरे दर से जो माँगा मिलाये ने'मतों का सिलसिलाचला मोमिनो का क़ाफ़िलाहक़ माँगने, तू दे सिला

'अली... 'अली...

दु'आ है तू, मन्नत है तूइस ख़ाक की जन्नत है तूहिम्मत है तू, रहमत है तू

'अली 'अली मौला 'अली !

'अली 'अली या 'अली ! हक़ 'अली'अली 'अली या 'अली ! हक़ 'अली

मुश्किल-कुशा मौला 'अली

'अली 'अली या 'अली ! हक़ 'अली'अली 'अली या 'अली ! हक़ 'अली

'अली 'अली हक़, 'अली 'अली हक़'अली 'अली, मौला 'अली'अली 'अली हक़, 'अली 'अली हक़'अली 'अली, मौला 'अली

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