नात लिरिक्स

Aj Sik Mittran Di Wadheri Ae

अज सिक मित्तरां दी वधेरी ए

शायर: पीर मेहर अली शाहउपलब्ध: हिंदी

अज सिक मित्तराँ दी वधेरी एक्यूँ दिलड़ी उदास घनेरी ए ?लूँ लूँ विच शौक़ चँगेरी एअज नैनाँ लाइयाँ क्यूँ झड़ियाँ

अत्तैफ़ु सरा मिन तल'अतिहीवश्शज़्वु बदा मिंव्वफ़्रतिहीफ़सकर्तु हुना मिन नज़्रतिहीनैनाँ दियाँ फ़ौजाँ सर चढ़ियाँ

मुख चँद बदर शा'शानी एमथे चमके लाट नूरानी एकाली ज़ुल्फ़ ते अख मस्तानी एमख़्मूर अक्खीं हिन मद भरियाँ

दो अब्रू क़ोस मिसाल देसनजैं तों नोके मिझ दे तीर छुटनलबां सुर्ख़ आखां केह लाअले यमनचिट्टे दन्द मोती दियां हेन लड़ियाँ

इस सूरत नूं मैं जान आखांजानान के जाने-जहान आखांसच आखां ते रब्ब दी शान आखांजिस शान तो शानां सब बनियाँ

सुब्हानल्लाह मा अज्मलकामा अह़सनका, मा अकमलकाकिथ्थे मेहर अली किथ्थे तेरी सनागुस्ताख़ अख्खीं किथ्थे जा अड़ियाँ

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