नात लिरिक्स

Ahmad Raza Ne Faiz Ka Dariya Baha Diya

अहमद रज़ा ने फ़ैज़ का दरिया बहा दिया

नात ख़्वान: सय्यिद मो'इनुद्दीन चिश्तीशायर: मौलाना शाकिर रज़वी नूरीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

अहमद रज़ा ने फ़ैज़ का दरिया बहा दियाहुब्ब-ए-नबी से दिल को मदीना बना दिया

ख़िदमत नबी के दीन की कुछ इस तरह से कीबिद'आत-ओ-मुन्किरात का क़िला' गिरा दिया

अहमद रज़ा ने फ़ैज़ का दरिया बहा दियाहुब्ब-ए-नबी से दिल को मदीना बना दिया

अज़मत बिठा दी आप ने आक़ा की क़ल्ब मेंबदले में रब ने आप को आ'ला बना दिया

अहमद रज़ा ने फ़ैज़ का दरिया बहा दियाहुब्ब-ए-नबी से दिल को मदीना बना दिया

नामूस-ए-मुस्तफ़ा की हिफ़ाज़त के वास्तेमेरे रज़ा ने अपना सभी कुछ लुटा दिया

अहमद रज़ा ने फ़ैज़ का दरिया बहा दियाहुब्ब-ए-नबी से दिल को मदीना बना दिया

जान-ए-मुराद, कान-ए-तमन्ना हुज़ूर हैंअपना 'अक़ीदा आप ने कामिल बना दिया

अहमद रज़ा ने फ़ैज़ का दरिया बहा दियाहुब्ब-ए-नबी से दिल को मदीना बना दिया

शाकिर तेरा एहसान न भूलेगा हश्र तक'इश्क़-ए-नबी में दिल को तड़पना सिखा दिया

अहमद रज़ा ने फ़ैज़ का दरिया बहा दियाहुब्ब-ए-नबी से दिल को मदीना बना दिया

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