नात लिरिक्स

Aye Raah-e-Haq Ke Shaheedo

ऐ राह-ए-हक़ के शहीदो

शायर: मुशीर काज़मीउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

ऐ राह-ए-हक़ के शहीदो ! वफ़ा की तस्वीरो !तुम्हें वतन की हवाएँ सलाम कहती हैं

ऐ राह-ए-हक़ के शहीदो !

लगाने आग जो आए थे आशियाने कोवो शो'ले अपने लहू से बुझा दिए तुम नेबचा लिया है यतीमी से कितने फूलों कोसुहाग कितनी बहारों के रख लिए तुम नेतुम्हें चमन की फ़ज़ाएँ सलाम कहती हैं

ऐ राह-ए-हक़ के शहीदो !

चले जो होगे शहादत का जाम पी कर तुमरसूल-ए-पाक ने बाहों में ले लिया होगा'अली तुम्हारी शुजा'अत पे झूमते होंगेहुसैन-ए-पाक ने इरशाद ये किया होगातुम्हें ख़ुदा की रज़ाएँ सलाम कहती हैं

ऐ राह-ए-हक़ के शहीदो !

जनाब-ए-फ़ातिमा, जिगर-ए-रसूल के आगेशहीद हो के किया माँ को सुर्ख़-रू तुम नेजनाब-ए-हज़रत-ए-ज़ैनब गवाही देती हैंशहीदो ! रखी है बहनों की आबरू तुम नेवतन की बेटियाँ, माएँ सलाम कहती हैं

ऐ राह-ए-हक़ के शहीदो !

केवल उपलब्ध श्रेय दिखाए गए हैं; अनुपलब्ध जानकारी का अनुमान नहीं लगाया गया।