नात लिरिक्स

Aaqa Le Lo Salam Ab Hamara

आक़ा ले लो सलाम अब हमारा

उपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu

आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारासबा ! तू मदीने जा के कहना ख़ुदा-रा

आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारा

ग़म से हैं टूटे हुए, 'इस्याँ में डूबे हुएकर दो करम, या नबी ! हैं हाथ फैले हुएरोज़-ए-महशर उम्मती का आप ही सहारा

आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारासबा ! तू मदीने जा के कहना ख़ुदा-रा

आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारा

ग़म से हैं टूटे हुए, ज़ुल्मों से लूटे हुए'अर्सा हुआ, या नबी ! क़िस्मत को रूठे हुएरोज़-ए-महशर उम्मती का आप ही सहारा

आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारासबा ! तू मदीने जा के कहना ख़ुदा-रा

आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारा

चाँद के टुकड़े हुए, पेड़ों ने सज्दे किएसूरज पलट आ गया, ये मो'जिज़े आप केसारी दुनिया पर है, आक़ा ! क़ब्ज़ा तुम्हारा

आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारासबा ! तू मदीने जा के कहना ख़ुदा-रा

आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारा

नूर-ए-ख़ुदा आप हैं, शाह-ए-हुदा आप हैंऐ सरवर-ए-अंबिया ! बहर-ए-सख़ा आप हैंहै ये 'अज़मत रब ने तुम पर क़ुरआँ उतारा

आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारासबा ! तू मदीने जा के कहना ख़ुदा-रा

आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारा

दिन-रात रोती है ये उम्मत तुम्हारे लिएहो जाए नज़र-ए-करम, आक़ा ! हमारे लिएतयबा की गलियों का हम को हो अब नज़ारा

आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारासबा ! तू मदीने जा के कहना ख़ुदा-रा

आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारा

दिन-रात रोती है ये उम्मत तुम्हारे लिएहो जाए नज़र-ए-करम, आक़ा ! हमारे लिएतयबा की उन गलियों का कब होगा नज़ारा

आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारासबा ! तू मदीने जा के कहना ख़ुदा-रा

आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारा

सब अंबिया के इमाम ! तुम पर हो लाखों सलामरौज़े पे आए मजीद, कहता है ये सुब्ह-ओ-शामज़िंदगी में आस का न टूटे सितारा

आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारासबा ! तू मदीने जा के कहना ख़ुदा-रा

आक़ा ! ले लो सलाम अब हमारा

नशीद-ख़्वाँ:छोटे मजीद शोलाक़ारी रिज़वान ख़ानयासीर देसाई

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