नात लिरिक्स

आमद-ए-माह-ए-रबीउल-अव्वल) / Aa Gae Rasoolallah (Qaseeda-e-Bahaariya / Aamad-e-Maah-e-Rabiul-Awwal)

आ गए रसूलल्लाह (क़सीदा-ए-बहारिया

शायर: इमाम अहमद रज़ा खान बरेल्वीउपलब्ध: हिंदी

आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाहआ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह

ऊदी ऊदी बदलियाँ घिरने लगींनन्ही नन्ही बूँदियाँ बरसा चलींनदियाँ फिर आँखें दिखलाने लगींछोटी छोटी झीलेँ फिर लहरा चलीं

आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाहआ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह

झूमती आईं नसीमें नरम-नरमपतली पतली डालियाँ लचका चलींदिल खुले, कानों में रस पड़ने लगेख़ुश-नवा चिड़ियाँ तराने गा चलीं

आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाहआ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह

सुर्ख़, सब्ज़, ऊदी, सुनहरी बदलियाँदिन ढले, क्या चुनरियाँ रंगवा चलीं !फिर नज़र में गुदगुदी होने लगीधानी धानी बूटियाँ फड़का चलींउमड़ी, गरजीं, चमकीं काली बदलियाँबालों नादानों का दिल धड़का चलीं

आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाहआ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह

फिर उठा पौधों के जोबन में उभारनन्ही नन्ही कोंपलें हरिया चलींख़ूब बरसीं, ख़ूब बरसीं, खुल गईंखुल के फिर कुछ देर में गरमा चलीं

आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाहआ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह

डेरे, झीलें, ताल, नहरें, नदियाँकुछ कमर तक, कुछ गले तक आ चलींफूल महके, ग़ुंचे चटके, गुल खिलेनौ-बहारें जा-ब-जा इठला चलीं

आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाहआ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह

लहलहाना, खिलखिलाना, वाह वाह !पत्तियाँ कलियाँ क़यामत ढा चलींबजरे छूटे, किश्तियाँ पड़ने लगींनहरें लहरों के मज़े दिखला चलीं

आ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाहआ गए रसूलल्लाह, आ गए रसूलल्लाह

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