अल इल्मु नूर, अल इल्मु नूर, अल इल्मु नूर
इल्म नूर है, इल्म नूर है, इल्म नूर है, इल्म नूर है
हुवा वो मुन्कशिफ़ जो आया दाएरा-ए-इल्म मेंमिटे अँधेरे शक-ओ-ज़न के शाह-राह-ए-इल्म में
इल्म नूर है, इल्म नूर है, इल्म नूर है, इल्म नूर है
जो इल्म से हो मुत्तसिल बुलंदियों से जा मिलेउठा कलम दवात चल दे रास्ता-ए-इल्म में
इल्म नूर है, इल्म नूर है, इल्म नूर है, इल्म नूर है
सुवाल कर के चाबी इल्म की कहा गया इसेकहा गया सुवाल कर, सुवाल आधा इल्म है
इल्म नूर है, इल्म नूर है, इल्म नूर है, इल्म नूर है
तू ख़र्च कर बढ़ेगा ये न कम हो माल की तरहतू माल को संभालता, संभाले तुझ को इल्म है
इल्म नूर है, इल्म नूर है, इल्म नूर है, इल्म नूर है
जो चाहे ज़िन्दगी हमेशा थाम ले वो इल्म कोअगर चे डूबें कस्तियाँ, न डूबता ये इल्म है
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