उर्दू शायरी · ग़ज़ल

zindagi chain pa nahin sakti

ज़िंदगी चैन पा नहीं सकती

زندگی چین پا نہیں سکتی

शायर: Jaimini Sarshar7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ज़िंदगी चैन पा नहीं सकती
मौत को मौत आ नहीं सकती

फूँक सकती है बर्क़ गुलशन को
फूल इस में खिला नहीं सकती

तोड़ देती है मौत साज़-ए-हयात
लेकिन इस को बजा नहीं सकती

तुम न चाहो तो ये नसीम-ए-बहार
गुल चमन में खिला नहीं सकती

ज़िंदगी लाख ताबदार सही
मौत की ताब ला नहीं सकती

हम पे हँसना तो उस को आता है
हम को दुनिया हँसा नहीं सकती

हम से इंसाँ कहाँ मिलेंगे उसे
हम को दुनिया भुला नहीं सकती