उर्दू शायरी · ग़ज़ल

zara sa bewafa sa ho gaya hun

ज़रा सा बेवफ़ा सा हो गया हूँ

ذرا سا بے وفا سا ہو گیا ہوں (ردیف .. ا)

शायर: Raaz Dehalvi4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ज़रा सा बेवफ़ा सा हो गया हूँ
तिरी सोहबत की ये तासीर है क्या

कोई पत्ता तलक हिलता नहीं है
हवा के पैर में ज़ंजीर है क्या

नज़र तेरी से भी क्या ख़ौफ़ खाना
नज़र तेरी कोई शमशीर है क्या

तिरे लिक्खे को मैं सच मान बैठूँ
ख़ुदा के हाथ की तहरीर है क्या