उर्दू शायरी · ग़ज़ल

zara dekho meri tanhaiyan bhi

ज़रा देखो मिरी तन्हाइयाँ भी

ذرا دیکھو مری تنہائیاں بھی

शायर: Vijay Potter Singhadiya6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ज़रा देखो मिरी तन्हाइयाँ भी
न इस पे आईं गर जो हिचकियाँ भी

ग़ज़ल मैं भी सुना दूँ एक दो अब
इजाज़त दें अगर ये लड़कियाँ भी

क़यामत दूर बिल्कुल भी नहीं है
अगर मारी गईं यूँ बेटियाँ भी

करूँगा शा'इरी मैं दिल लगा कर
मगर पहले मिले दो रोटियाँ भी

बताऊँ लड़कियो इक बात तुम को
लड़ो तो तोड़ दो तुम बेड़ियाँ भी

'विजय' ख़ुश है तुझे ही देख कर बस
नहीं हैं ख़्वाब में तो तितलियाँ भी