उर्दू शायरी · ग़ज़ल

bata dunga meri sab nekiyan bhi

बता दूँगा मिरी सब नेकियाँ भी

بتا دوں گا مری سب نیکیاں بھی

शायर: Vijay Potter Singhadiya9 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

बता दूँगा मिरी सब नेकियाँ भी
मगर हैं दोस्त मुझ में ख़ामियाँ भी

क़यामत दूर बिल्कुल भी नहीं है
अगर मारी गईं यूँ बेटियाँ भी

कभी तुम ग़ौर से लफ़्ज़ों को देखो
छुपा है दर्द उन के दरमियाँ भी

तुझे तो याद अब मैं भी नहीं हूँ
मुझे हैं याद तेरी चूड़ियाँ भी

किया था शम' पर बारिश ने हमला
बुझाने में लगी थीं आँधियाँ भी

मुझे अब भूलने की ठान ली क्या
नहीं आती हैं अब तो हिचकियाँ भी

बताऊँ लड़कियो इक बात तुम को
लड़ो तो तोड़ दो तुम बेड़ियाँ भी

न जाओ कह रही थीं तेरी आँखें
इशारे कर रही थीं बालियाँ भी

'विजय' का प्यार ही था वो तो केवल
यहाँ तो टूटती हैं शादियाँ भी