उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kar rahe hain war mere yar mujh par

कर रहे हैं वार मेरे यार मुझ पर

کر رہے ہیں وار میرے یار مجھ پر

शायर: Vijay Potter Singhadiya7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कर रहे हैं वार मेरे यार मुझ पर
रहम कर कुछ तो कहानी-कार मुझ पर

ईंट मैं उस पर गिराना चाहता था
और हुआ ये गिर गई दीवार मुझ पर

ख़त्म हो जाती वहीं पर ये कहानी
तुम उठा लेते अगर हथियार मुझ पर

तू तो मेरा दोस्त है मत देख मौक़ा
सामने से ही चला तलवार मुझ पर

'इश्क़ में अच्छी नहीं होती ख़मोशी
जान कुछ तो बोल ता'ने मार मुझ पर

क्या ज़रूरत है बता दे दोस्त अब तो
आज-कल क्यों आ रहा है प्यार मुझ पर

नाम ही मेरा 'विजय' है ध्यान रखना
सूट करती ही नहीं है हार मुझ पर