उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye hai aab-e-rawan na Thahrega

ये है आब-ए-रवाँ न ठहरेगा

یہ ہے آب رواں نہ ٹھہرے گا

शायर: Aabid Adeeb10 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये है आब-ए-रवाँ न ठहरेगा
उम्र का कारवाँ न ठहरेगा

छोड़ दी है जगह सुतूनों ने
सर पे अब साएबाँ न ठहरेगा

रेत पर है असर हवाओं का
कोई नाम-ओ-निशाँ न ठहरेगा

हर क़दम जो तुम्हारी सम्त उठा
सई-ए-राएगाँ न ठहरेगा

मरहला आ गया तसादुम का
फ़ासला दरमियाँ न ठहरेगा

दिल का सौदा है कार-ए-दिल-दाराँ
फ़र्क़-ए-सूद-ओ-ज़ियाँ न ठहरेगा

क्यों सुनाते हो सब को हाल अपना
हर कोई राज़दाँ न ठहरेगा

छोड़ देगी ज़मीन मेहवर को
मुस्तक़िल आसमाँ न ठहरेगा

अपनी आँखों में आज उसे भर लो
देर तक ये समाँ न ठहरेगा

जुज़ तेरी महफ़िलों के और कहीं
'आबिद'-ए-ना-तवाँ ठहरे ठहरेगा