उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ye canwas pe jo zard chehra bana rahe hain

ये कैनवस पे जो ज़र्द चेहरा बना रहे हैं

یہ کینوس پہ جو زرد چہرہ بنا رہے ہیں

शायर: Naeem Naaz5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ये कैनवस पे जो ज़र्द चेहरा बना रहे हैं
तुम्हें ख़बर हो ख़िज़ाँ का नक़्शा बना रहे हैं

अजीब घर है जो तीलियों से बना हुआ है
हम इस में मिट्टी से इक परिंदा बना रहे हैं

छुपा रहे हैं बड़ी महारत से ऐब उन का
तभी तो चेहरे का एक हिस्सा बना रहे हैं

हवाएँ किरनें परिंद ख़ुशबू गुज़र सकेंगे
इसे दरीचा न समझो रस्ता बना रहे हैं

बना रहे हैं हम एक पेंटिंग में एक पटरी
और उस में माज़ी का एक लम्हा बना रहे हैं