उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ajib mantiq hai usko sochenge KHush rahenge

अजीब मंतिक़ है उस को सोचेंगे ख़ुश रहेंगे

عجیب منطق ہے اس کو سوچیں گے خوش رہیں گے

शायर: Naeem Naaz4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अजीब मंतिक़ है उस को सोचेंगे ख़ुश रहेंगे
हम अपनी आँखों में धूल झोंकेंगे ख़ुश रहेंगे

मैं खस्ता-हालों की ख़स्ता-हाली पे रो पड़ा हूँ
ये लोग काग़ज़ के फूल बेचेंगे ख़ुश रहेंगे

कोई तो है जो हमारी हालत पे रो रहा है
हम उस के होने की ख़ैर माँगेंगे ख़ुश रहेंगे

गुज़ार लेंगे किसी दिलासे की आड़ ले कर
किसी के आने में वक़्त काटेंगे ख़ुश रहेंगे