उर्दू शायरी · ग़ज़ल

use chhupa liya tha maine aankh mein

उसे छुपा लिया था मैं ने आँख में

اسے چھپا لیا تھا میں نے آنکھ میں (ردیف .. ے)

शायर: Naeem Naaz5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उसे छुपा लिया था मैं ने आँख में
ये लोग ख़्वाब में भी झाँकने लगे

महक रहे हैं यूँ तो फूल और भी
मगर जो ज़ख़्म तेरे हाथ से लगे

मैं जिस लगन से तुझ को देखता हूँ लोग
उसी लगन से मुझ को देखने लगे

तुम्हारे बाद कुछ नहीं किया गया
हम अपने साथ वक़्त काटने लगे

छुआ था एक बार उस के हाथ को
फिर उस के बाद फूल खुरदुरे लगे