उर्दू शायरी · ग़ज़ल

yahi faqat meri zindagi hai

यही फ़क़त मेरी ज़िंदगी है

یہی فقط میری زندگی ہے

शायर: Saba Azeez6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

यही फ़क़त मेरी ज़िंदगी है
तिरी इताअ'त ही बंदगी है

वो आज सैर-ए-चमन को आए
गुलों के चेहरों पे ताज़गी है

ये उन की ज़र्रा-नवाज़ियाँ हैं
जो दिल की बस्ती में तीरगी है

जो मैं ने पूछा वफ़ा का मतलब
वो हँस के बोले दिवानगी है

ये उन का दस्त-ए-करम है मुझ पर
जो बात अब तक बनी हुई है

ये ज़ख़्म-ए-दिल की दवा है यारों
'सबा' की जो शेर-ओ-शायरी है