उर्दू शायरी · ग़ज़ल

yar mera miyan-e-gulshan hai

यार मेरा मियान-ए-गुलशन है

یار میرا میان گلشن ہے

शायर: Faez Dehlvi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

यार मेरा मियान-ए-गुलशन है
ग़र्क़-ए-ख़ूँ फूल ता-ब-दामन है

दिल लुभाता है सब का वो साजन
दिल-फ़रेबी में उस को क्या फ़न है

तारे जिऊँ दर है जिस के हल्क़ा-ब-गोश
वो बिना गोश सुब्ह-ए-रौशन है

उस नज़ारे से सब शहीद हुए
वो नयन क्या बला-ए-रह-ज़न है

क्या बयाँ कर सकूँ मैं गत उस की
'फ़ाएज़' अत ख़ुश-अदा सिरीजन है