उर्दू शायरी · ग़ज़ल

ai yar nasihat ko agar gosh kare tu

ऐ यार नसीहत को अगर गोश करे तू

اے یار نصیحت کو اگر گوش کرے تو

शायर: Faez Dehlvi5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ऐ यार नसीहत को अगर गोश करे तू
ये तौर-ओ-तरीक़ अपने फ़रामोश करे तू

दीवाने सियाने हुएँ सब देख तुझ अँखियाँ
इक चश्म की गर्दिश सेती बेहोश करे तू

ऐ सर्व-चमाँ आवे अगर मेरी बग़ल में
जन्नत का चमन ख़ाना-ए-आग़ोश करे तू

हूराँ न करें ख़ुल्द के गुलबुन का नज़ारा
जब सीम-बदन अपने को गुल-पोश करे तू

इस 'फ़ाएज़'-ए-बेचारे की तब क़द्र पछाने
इक जाम मोहब्बत का अगर नोश करे तू