उर्दू शायरी · ग़ज़ल

waise maine duniya mein kya dekha hai

वैसे मैं ने दुनिया में क्या देखा है

ویسے میں نے دنیا میں کیا دیکھا ہے

शायर: Tahzeeb Hafi8 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

वैसे मैं ने दुनिया में क्या देखा है
तुम कहते हो तो फिर अच्छा देखा है

मैं उस को अपनी वहशत तोहफ़े में दूँ
हाथ उठाए जिस ने सहरा देखा है

बिन देखे उस की तस्वीर बना लूँगा
आज तो मैं ने उस को इतना देखा है

एक नज़र में मंज़र कब खुलते हैं दोस्त
तू ने देखा भी है तो क्या देखा है

'इश्क़ में बंदा मर भी सकता है मैं ने
दिल की दस्तावेज़ में लिक्खा देखा है

मैं तो आँखें देख के ही बतला दूँगा
तुम में से किस किस ने दरिया देखा है

आगे सीधे हाथ पे एक तराई है
मैं ने पहले भी ये रस्ता देखा है

तुम को तो इस बाग़ का नाम पता होगा
तुम ने तो इस शहर का नक़्शा देखा है