उर्दू शायरी · ग़ज़ल

us se rishta hi hamara hai jhagaDne wala

उस से रिश्ता ही हमारा है झगड़ने वाला

اس سے رشتہ ہی ہمارا ہے جھگڑنے والا

शायर: Zaheen Lakhnawi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

उस से रिश्ता ही हमारा है झगड़ने वाला
और ये आप के पल्ले नहीं पड़ने वाला

खोखला दिखता भले हूँ मैं तुझे बाहर से
ऐ हवा तुझ से मगर मैं न उखड़ने वाला

दस मिनट पहले ही थी धूप मिरे आँगन में
ये लगा ही नहीं मौसम है बिगड़ने वाला

शाख़ को आस थी वापस कभी तो आएगा
ख़ाक में मिल गया पर उस से बिछड़ने वाला

रोज़ के झगड़े से बेहतर है मुझे छोड़ ही दो
हाए अब कोई नहीं मुझ से झगड़ने वाला

काश इक बार फिसल जाऊँ किसी बिल्डिंग से
और कोई भी न हो मुझ को पकड़ने वाला