उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tujhe pukara hai be-irada

तुझे पुकारा है बे-इरादा

تجھے پکارا ہے بے ارادہ

शायर: Faiz Ahmad Faiz6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तुझे पुकारा है बे-इरादा
जो दिल दुखा है बहुत ज़ियादा

नदीम हो तेरा हर्फ़-ए-शीरीं
तो रंग पर आए रंग-ए-बादा

अता करो इक अदा-ए-दैरीं
तो अश्क से तर करें लिबादा

न जाने किस दिन से मुंतज़िर है
दिल-ए-सर-ए-रह-गुज़र फ़ितादा

कि एक दिन फिर नज़र में आए
वो बाम-ए-रौशन वो दर कुशादा

वो आए पुर्सिश को फिर सजाए
क़बा-ए-रंगीं अदा-ए-सादा