उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aap ki yaad aati rahi raat bhar

''आप की याद आती रही रात भर''

''آپ کی یاد آتی رہی رات بھر'' (ردیف .. ر)

शायर: Faiz Ahmad Faiz6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

''आप की याद आती रही रात भर''
चाँदनी दिल दुखाती रही रात भर

गाह जलती हुई गाह बुझती हुई
शम-ए-ग़म झिलमिलाती रही रात भर

कोई ख़ुशबू बदलती रही पैरहन
कोई तस्वीर गाती रही रात भर

फिर सबा साया-ए-शाख़-ए-गुल के तले
कोई क़िस्सा सुनाती रही रात भर

जो न आया उसे कोई ज़ंजीर-ए-दर
हर सदा पर बुलाती रही रात भर

एक उम्मीद से दिल बहलता रहा
इक तमन्ना सताती रही रात भर