उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tujhe kaun jaanta tha meri dosti se pahle

तुझे कौन जानता था मिरी दोस्ती से पहले

تجھے کون جانتا تھا مری دوستی سے پہلے

शायर: Kaif Bhopali4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तुझे कौन जानता था मिरी दोस्ती से पहले
तिरा हुस्न कुछ नहीं था मिरी शाइरी से पहले

इधर आ रक़ीब मेरे मैं तुझे गले लगा लूँ
मिरा इश्क़ बे-मज़ा था तिरी दुश्मनी से पहले

कई इंक़िलाब आए कई ख़ुश-ख़िराम गुज़रे
न उठी मगर क़यामत तिरी कम-सिनी से पहले

मिरी सुब्ह के सितारे तुझे ढूँडती हैं आँखें
कहीं रात डस न जाए तिरी रौशनी से पहले