उर्दू शायरी · ग़ज़ल

tujh bina dil ko be-qarari hai

तुझ बिना दिल को बे-क़रारी है

تجھ بنا دل کو بے قراری ہے

शायर: Faez Dehlvi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

तुझ बिना दिल को बे-क़रारी है
दम-ब-दम मुझ को आह-ओ-ज़ारी है

हाथ तेरे जो देखी है तलवार
आरज़ू दिल को जाँ-सिपारी है

मुझ को औरों से कुछ नहीं है काम
तुझ से हर दम उमीद-वारी है

हम से तुझ को नहीं मिलाप कभी
ये मगर जग में तौर-ए-यारी है

आह कूँ दिल में मैं छुपाता हूँ
लाज़िम-ए-इश्क़ पर्दा-दारी है

गिर रहा तेरी राह पर 'फ़ाएज़'
इश्क़ की शर्त ख़ाकसारी है