उर्दू शायरी · ग़ज़ल

shabab aa gaya us par shabab se pahle

शबाब आ गया उस पर शबाब से पहले

شباب آ گیا اس پر شباب سے پہلے

शायर: A G Josh4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

शबाब आ गया उस पर शबाब से पहले
दिखाई दी मुझे ता'बीर ख़्वाब से पहले

जमाल-ए-यार से रौशन हुई मिरी दुनिया
वो चमकी दिल में किरन माहताब से पहले

दिल-ओ-निगाह पे क्यूँ छा रहा है ऐ साक़ी
ये तेरी आँख का नश्शा शराब से पहले

न पेश नामा-ए-आमाल कर अभी ऐ 'जोश'
हिसाब कैसा ये रोज़-ए-हिसाब से पहले