उर्दू शायरी · ग़ज़ल

aah bhi harf-e-dua ho jaise

आह भी हर्फ़-ए-दुआ हो जैसे

آہ بھی حرف دعا ہو جیسے

शायर: A G Josh5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

आह भी हर्फ़-ए-दुआ हो जैसे
इक दुखी दिल की सदा हो जैसे

वो है ख़ामोश तो यूँ लगता है
हम से रब रूठ गया हो जैसे

नाम लिख लिख के मिटाता है मिरा
ये भी इक नक़्श-ए-वफ़ा हो जैसे

दिल के आईने में है इक चेहरा
कोई शय ढूँड रहा हो जैसे

ज़िंदगी ऊँघ रही है ऐ 'जोश'
किसी मुफ़्लिस का दिया हो जैसे