उर्दू शायरी · ग़ज़ल

itna ehsan to hum par wo KHudara karte

इतना एहसान तो हम पर वो ख़ुदारा करते

اتنا احسان تو ہم پر وہ خدارا کرتے

शायर: A G Josh5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इतना एहसान तो हम पर वो ख़ुदारा करते
अपने हाथों से जिगर चाक हमारा करते

हम को तो दर्द-ए-जुदाई से ही मर जाना था
चंद रोज़ और न क़ातिल को इशारा करते

ले के जाते न अगर साथ वो यादें अपनी
याद करते उन्हें और वक़्त गुज़ारा करते

ज़िंदगी मिलती जो सौ बार हमें दुनिया में
हम तो हर बात इसे आप पे वारा करते

'जोश' धुँदलाता न हरगिज़ ये मिरा शीशा-ए-दिल
गर्द उस की वो अगर रोज़ उतारा करते