उर्दू शायरी · ग़ज़ल

salam us par agar aisa koi fankar ho jae

सलाम उस पर अगर ऐसा कोई फ़नकार हो जाए

سلام اس پر اگر ایسا کوئی فن کار ہو جائے

शायर: Kaif Bhopali5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सलाम उस पर अगर ऐसा कोई फ़नकार हो जाए
सियाही ख़ून बन जाए क़लम तलवार हो जाए

ज़माने से कहो कुछ साइक़ा-रफ़्तार हो जाए
हमारे साथ चलने के लिए तय्यार हो जाए

ज़माने को तमन्ना है तिरा दीदार करने की
मुझे ये फ़िक्र है मुझ को मिरा दीदार हो जाए

वो ज़ुल्फ़ें साँप हैं बे-शक अगर ज़ंजीर बन जाएँ
मोहब्बत ज़हर है बे-शक अगर आज़ार हो जाए

मोहब्बत से तुम्हें सरकार कहते हैं वगरना हम
निगाहें डाल दें जिस पर वही सरकार हो जाए