उर्दू शायरी · ग़ज़ल

sab ki kahani ek taraf hai mera qissa ek taraf

सब की कहानी एक तरफ़ है मेरा क़िस्सा एक तरफ़

سب کی کہانی ایک طرف ہے میرا قصہ ایک طرف

शायर: Tahzeeb Hafi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

सब की कहानी एक तरफ़ है मेरा क़िस्सा एक तरफ़
एक तरफ़ सैराब हैं सारे और मैं प्यासा एक तरफ़

एक तरफ़ तुम्हें जल्दी है उस के दिल में घर करने की
एक तरफ़ वो कर देता है रफ़्ता रफ़्ता एक तरफ़

मेरी मर्ज़ी थी मैं ज़र्रे चुनता या लहरें चुनता
उस ने सहरा एक तरफ़ रखा और दरिया एक तरफ़

मैं ने अब तक जितने भी लोगों में ख़ूद को बाँटा है
बचपन से रखता आया हूँ तेरा हिस्सा एक तरफ़

जब से उस ने खींचा है खिड़की का पर्दा एक तरफ़
उस का कमरा एक तरफ़ है बाक़ी दुनिया एक तरफ़

यूँ तो आज भी तेरा दुख दिल दहला देता है लेकिन
तुझ से जुदा होने के बाद का पहला हफ़्ता एक तरफ़