शायर संग्रह
Zafar Rabab की ग़ज़लें
ज़फ़र रबाब के नाम से उपलब्ध 5 पाठ: 5 ग़ज़ल।
इस रचनाकार-संग्रह को कैसे पढ़ें
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جاں رہے نوچتے حیات کے دکھ
jaan rahe nochte hayat ke dukh
ग़ज़ल · Zafar Rabab
مرگ احساس با لیقین آخر
marg-e-ehsas bil-yaqin aaKHir
ग़ज़ल · Zafar Rabab
مضمحل قدموں پہ بار
muzmahil qadmon pe bar
ग़ज़ल · Zafar Rabab
سانحہ روز نیا ہو تو غزل کیا کہیے
saneha roz naya ho to ghazal kya kahiye
ग़ज़ल · Zafar Rabab
زرد پتوں کو ہوا ساتھ لئے پھرتی ہے
zard patton ko hawa sath liye phirti hai
ग़ज़ल · Zafar Rabab