उर्दू शायरी · ग़ज़ल

peD ehsas ka jazbaat ka phal deta hai

पेड़ एहसास का जज़्बात का फल देता है

پیڑ احساس کا جذبات کا پھل دیتا ہے

शायर: Saadullah Khan Asar Malkapur5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

पेड़ एहसास का जज़्बात का फल देता है
ये शजर आज का हासिल हमें कल देता है

हौसला कहते हैं इक राह-ए-अमल देता है
हौसला-मंद तो तक़दीर बदल देता है

सब की यकसाँ ही गुज़र जाए कहाँ है मुमकिन
वो तो नादान है जो मूंछ पे बल देता है

साँप फ़ितरत में फ़क़त साँप हुआ करता है
दूध पी लेता है और ज़ह्र उगल देता है

ऐ 'असर' कहती है दुनिया जिसे इंसाँ का ज़मीर
फ़ैसला जब भी ये देता है अटल देता है