उर्दू शायरी · ग़ज़ल

pai hai talKHiyon se ye sarshaar zindagi

पाई है तल्ख़ियों से ये सरशार ज़िंदगी

پائی ہے تلخیوں سے یہ سرشار زندگی

शायर: Madhukar Shaidai6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

पाई है तल्ख़ियों से ये सरशार ज़िंदगी
हर शख़्स चाहता है चमकदार ज़िंदगी

जीने का हक़ हमारा है जीना है शान से
कितनी भले हो दोस्तों नादार ज़िंदगी

इतना यक़ीन कर ले तू सच कह रहा हूँ मैं
मुद्दत से है ये तेरी तलबगार ज़िंदगी

जीती कभी ये मरती है उल्फ़त की राह में
करती है रोज़ मौत का दीदार ज़िंदगी

मरना है लाज़मी यहाँ हर शख़्स के लिए
किस की रही है दोस्त तरफ़-दार ज़िंदगी

चाहा है इतना आप को ख़ुद को भुला दिया
चाहत में बन गई ये क़लमकार ज़िंदगी