उर्दू शायरी · ग़ज़ल

na chehre se na aankhon se ayan ishq

न चेहरे से न आँखों से अयाँ इश्क़

نہ چہرے سے نہ آنکھوں سے عیاں عشق

शायर: Faisal Azeem5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

न चेहरे से न आँखों से अयाँ इश्क़
अभी दिल पर तिरे उतरा कहाँ इश्क़

अभी तक सिर्फ़ आवाज़ें सुनी हैं
अभी तक लिख रही हैं उँगलियाँ इश्क़

ज़बाँ पर इस क़दर गर्दान क्यों है
तो कैसे होश में कहता है हाँ इश्क़

ज़मीं से आसमाँ तक गुल खिले हैं
तड़प कर हो रहे हैं जिस्म-ओ-जाँ इश्क़

यही तो ए'तिबार-ए-शब-कदा है
मिरा हासिल है ये कार-ए-ज़ियाँ इश्क़