उर्दू शायरी · ग़ज़ल

mujhe in chhatriyon se yaad aaya

मुझे इन छतरियों से याद आया

مجھے ان چھتریوں سے یاد آیا

शायर: Tahzeeb Hafi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मुझे इन छतरियों से याद आया
तुम्हें कुछ बारिशों से याद आया

बहम आई हवा और रौशनी भी
क़फ़स भी खिड़कियों से याद आया

मिरी कश्ती में उस ने जान दी थी
मुझे इन साहिलों से याद आया

मैं तेरे साथ चलना चाहता था
तिरी बैसाखियों से याद आया

हज़ारों चाहने वाले थे इस के
वो जंगल पंछियों से याद आया

बदन पर फूल मुरझाने लगे हैं
तुम्हारे नाख़ुनों से याद आया