उर्दू शायरी · ग़ज़ल

meri aawaz se aawaz milane wale

मेरी आवाज़ से आवाज़ मिलाने वाले

میری آواز سے آواز ملانے والے

शायर: Badnam Nazar6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मेरी आवाज़ से आवाज़ मिलाने वाले
हैं कहाँ शहर में तूफ़ान उठाने वाले

फिर सितारों की चमक माँद पड़ी जाती है
फिर बरहना हूँ खड़ा ज़ख़्म लगाने वाले

ज़र्द शहरों में परिंदों ने पनाहें ढूँडीं
सब्ज़ जंगल में नया जाल बिछाने वाले

रौंदता है मुझे क्यों नक़्श-ए-क़दम की सूरत
मेरी पहचान है क्या मुझ को मिटाने वाले

आप को मुझ से मोहब्बत हो इलाही तौबा
अपने अहबाब तो हैं बात बनाने वाले

और कुछ रोज़ यहाँ ठहरेंगे बदनाम 'नज़र'
फिर कहाँ पाओगे अश'आर सुनाने वाले