उर्दू शायरी · ग़ज़ल

meri aankhon mein dhanak-rang sajaane aae

मेरी आँखों में धनक-रंग सजाने आए

میری آنکھوں میں دھنک رنگ سجانے آئے

शायर: Yachana Phansal6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

मेरी आँखों में धनक-रंग सजाने आए
रात आई तो तिरे ख़्वाब सुहाने आए

हम तो समझे थे तुझे भूल गए हैं लेकिन
हम पे हँसने तिरी यादों के ख़ज़ाने आए

रात-भर चाँद में दिखती रही सूरत तेरी
फिर हमें याद वही गुज़रे ज़माना आए

ओढ़ कर सर्द सियह रात में ख़ुशबू तेरी
कल सितारे कोई पैग़ाम सुनाने आए

थाम कर हाथ मिरा काँपती रुत में फिर से
तेरे एहसास कोई आग लगाने आए

तू मिरा हो न सकेगा कभी इस दुनिया में
क्यों मिरे दिल को तिरे ख़्वाब लुभाने आए