उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kuTiya mein kaun aaega is tirgi ke sath

कुटिया में कौन आएगा इस तीरगी के साथ

کٹیا میں کون آئے گا اس تیرگی کے ساتھ

शायर: Kaif Bhopali6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

कुटिया में कौन आएगा इस तीरगी के साथ
अब ये किवाड़ बंद करो ख़ामुशी के साथ

साया है कम खजूर के ऊँचे दरख़्त का
उम्मीद बाँधिए न बड़े आदमी के साथ

चलते हैं बच के शैख़-ओ-बरहमन के साए से
अपना यही अमल है बुरे आदमी के साथ

शाइस्तगान-ए-शहर मुझे ख़्वाह कुछ कहें
सड़कों का हुस्न है मिरी आवारगी के साथ

शा'इर हिकायतें न सुना वस्ल ओ इश्क़ की
इतना बड़ा मज़ाक़ न कर शाइरी के साथ

लिखता है ग़म की बात मसर्रत के मूड में
मख़्सूस है ये तर्ज़ फ़क़त 'कैफ़' ही के साथ