उर्दू शायरी · ग़ज़ल

KHuda rakkhe hamein tab se ki jab tumhaare bane

ख़ुदा रक्खे हमें तब से कि जब तुम्हारे बने

خدا رکھے ہمیں تب سے کہ جب تمہارے بنے

शायर: Osaama ameer7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

ख़ुदा रक्खे हमें तब से कि जब तुम्हारे बने
बहुत बुरे थे हम अच्छे तुम्हारे मारे बने

ये तेरे हुस्न-ए-निहायत का नाम-ए-नामी है
कि इन से रंग खुलें और इस्ति'आरे बने

तरह तरह से तिरे ख़द्द-ओ-ख़ाल देखे हैं
मगर अभी भी नहीं तेरे माह-पारे बने

तिरे सुख़न से मुरत्तब हुई लुग़ात मिरी
ये तेरे दस्त-ए-हुनर से मिरे इशारे बने

ये तेरे पाँव उठे हैं जहाँ-जहाँ के लिए
वहाँ वहाँ मिरे दरियाओं के किनारे बने

जुनून-ए-अस्ल में हंगाम-ए-वस्ल मिलते ही
मिरे वुजूद में सौ सौ तरह के धारे बने

ये तेरे शौक़ की ख़ातिर है आसमान बिछा
ये तेरे शौक़ की ख़ातिर है सब सितारे बने