उर्दू शायरी · ग़ज़ल

kho kar din ki baaton mein

खो कर दिन की बातों में

کھو کر دن کی باتوں میں

शायर: Obaidurrahman Niyazi7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

खो कर दिन की बातों में
घबराता हूँ रातों में

अंदेशों का जंगल है
नफ़रत की सौग़ातों में

सावन में आँसू या'नी
बरसातें बरसातों में

नादीदा शीरीनी है
सच्चे रिश्ते-नातों में

ख़स्ता-हाली देखी है
मज़दूरों के हाथों में

कुटिया ले कर कितने ख़्वाब
डूबी थी बरसातों में

यादें गीत सुनाती हैं
तन्हा साकित रातों में