उर्दू शायरी · ग़ज़ल

karen kis liye hum kisi ka lihaz

करें किस लिए हम किसी का लिहाज़

کریں کس لیے ہم کسی کا لحاظ

शायर: Jaimini Sarshar7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

करें किस लिए हम किसी का लिहाज़
किसी को नहीं जब हमारा लिहाज़

मुसावात उस चीज़ का नाम है
कि उठ जाए छोटे बड़े का लिहाज़

लिहाज़ इस का कुछ तुम को भी चाहिए
किया हम ने कितना तुम्हारा लिहाज़

किसी की कोई बात सुनता नहीं
किसी को नहीं अब किसी का लिहाज़

खरी बात कहने के आदी हैं हम
न बेजा मुरव्वत न बेजा लिहाज़

जो इंसाँ ज़माने के काम आएगा
उसी का करेगा ज़माना लिहाज़

न रुत्बा न ओहदा न ज़र है न ज़ोर
करे कौन 'सरशार' तेरा लिहाज़