उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jhum ke jab rindon ne pila di

झूम के जब रिंदों ने पिला दी

جھوم کے جب رندوں نے پلا دی

शायर: Kaif Bhopali4 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

झूम के जब रिंदों ने पिला दी
शैख़ ने चुपके चुपके दु'आ दी

एक कमी थी ताज-महल में
मैं ने तिरी तस्वीर लगा दी

आप ने झूटा वा'दा कर के
आज हमारी 'उम्र बढ़ा दी

हाए ये उन का तर्ज़-ए-मोहब्बत
आँख से बस इक बूँद गिरा दी