उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jab sitare safar ke dekhenge

जब सितारे सफ़र के देखेंगे

جب ستارے سفر کے دیکھیں گے

शायर: Jai Shree Thakur Shafaq6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जब सितारे सफ़र के देखेंगे
पहले आँखों में डर के देखेंगे

जब भी उन से मुख़ातबत होगी
चश्म-ए-गिर्या को भर के देखेंगे

ऐसे सन्नाटे हम पे गुज़रे हैं
अब तो ख़ुद में उतर के देखेंगे

हम-सफ़र रास्तों के थे दोनों
अब अकेले गुज़र के देखेंगे

उन को अपनी निगाह में रख कर
आज थोड़ा सँवर के देखेंगे

हम 'शफ़क़' शाम के अँधेरों पर
कोई इल्ज़ाम धर के देखेंगे