उर्दू शायरी · ग़ज़ल

apne dil ko niDhaal kya karte

अपने दिल को निढाल क्या करते

اپنے دل کو نڈھال کیا کرتے

शायर: Jai Shree Thakur Shafaq7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

अपने दिल को निढाल क्या करते
तुम से हम अर्ज़-ए-हाल क्या करते

हम वफ़ा तर्क आप से कर के
अपना जीना मुहाल क्या करते

जब किसी काम का नहीं है तो
दिल की हम देख-भाल क्या करते

जिस ने क़दमों में रख दिया सर को
उस को हम ला-ज़वाल क्या करते

एक शहकार जो ख़ुदा का हो
उस पे हम कुछ कमाल क्या करते

आप ख़ुद जो मिसाल हो अपनी
उस को हम बे-मिसाल क्या करते

तेरा चेहरा शफ़क़ की ईद बना
देख कर हम हिलाल क्या करते