उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jab kabhi teri yaad aai hai

जब कभी तेरी याद आई है

جب کبھی تیری یاد آئی ہے

शायर: Om Parkash Bajaj7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जब कभी तेरी याद आई है
हर कली दिल की मुस्कुराई है

दिल ने बस तेरी आरज़ू के तुफ़ैल
हर ख़ुशी ज़िंदगी की पाई है

सू-ए-तूफ़ाँ धकेल दी हम ने
नाव साहिल पे जब भी आई है

सिर्फ़ तुम हो मिरे ज़माने में
वर्ना हर शय यहाँ पराई है

खो के ख़ुद को तिरी मोहब्बत में
बे-ख़ुदी बे-पनाह पाई है

जादा-ए-मंज़िल-ए-मोहब्बत में
दिल ने सौ बार चोट खाई है

फूल कलियों का ज़िक्र कर के 'बजाज'
दास्ताँ तेरी ही सुनाई है