उर्दू शायरी · ग़ज़ल

dil hai betab iltija ke liye

दिल है बेताब इल्तिजा के लिए

دل ہے بیتاب التجا کے لئے

शायर: Om Parkash Bajaj6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

दिल है बेताब इल्तिजा के लिए
छेड़ दो बात इब्तिदा के लिए

बू-ए-गुल लूटती लुटाती है
मश्ग़ला ख़ूब है सबा के लिए

मौज-ए-तूफ़ाँ में अब मिरी कश्ती
नाख़ुदा छोड़ दे ख़ुदा के लिए

हौसले से जहाँ में सब कुछ है
ये दवा है हर इक बला के लिए

तेरी रहमत पे हर्फ़ आता है
हाथ उठें अगर दुआ के लिए

शहर में दश्त में पहाड़ों में
हम भटकते फिरे वफ़ा के लिए