उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jaane wale se rabta rah jae

जाने वाले से राब्ता रह जाए

جانے والے سے رابطہ رہ جائے

शायर: Tahzeeb Hafi6 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जाने वाले से राब्ता रह जाए
घर की दीवार पर दिया रह जाए

इक नज़र जो भी देख ले तुझ को
वो तिरे ख़्वाब देखता रह जाए

इतनी गिर्हें लगी हैं इस दिल पर
कोई खोले तो खोलता रह जाए

कोई कमरे में आग तापता हो
कोई बारिश में भीगता रह जाए

नींद ऐसी कि रात कम पड़ जाए
ख़्वाब ऐसा कि मुँह खुला रह जाए

झील सैफ़-उल-मुलूक पर जाऊँ
और कमरे में कैमरा रह जाए