उर्दू शायरी · ग़ज़ल

jaan gae to man liya

जान गए तो मान लिया

جان گئے تو مان لیا

शायर: Sabiha Saba7 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

जान गए तो मान लिया
यूँ तुझ को पहचान लिया

दुनिया भेदों वाली ने
कैसा पर्दा तान लिया

दिल वालों की बस्ती से
तू ने क्या सामान लिया

मुश्किल से हल होता है
क़िस्सा जो आसान लिया

क्या मानें हम दिल की बात
दिल भी तो नादान लिया

मंज़िल फिर भी दूर रही
सहराओं को छान लिया

मीठे मीठे बोलों का
दिल ने कैसा दान लिया