उर्दू शायरी · ग़ज़ल

is tarah mohabbat mein dil pe hukmarani hai

इस तरह मोहब्बत में दिल पे हुक्मरानी है

اس طرح محبت میں دل پہ حکمرانی ہے

शायर: Kaif Bhopali5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

इस तरह मोहब्बत में दिल पे हुक्मरानी है
दिल नहीं मिरा गोया उन की राजधानी है

घास के घरौंदे से ज़ोर-आज़माई क्या
आँधियाँ भी पगली हैं बर्क़ भी दिवानी है

शायद उन के दामन ने पोंछ दीं मिरी आँखें
आज मेरे अश्कों का रंग ज़ाफ़रानी है

पूछते हो क्या बाबा क्या हुआ दिल-ए-ज़िंदा
वो मिरा दिल-ए-ज़िंदा आज आँ-जहानी है

'कैफ़' तुझ को दुनिया ने क्या से क्या बना डाला
यार अब तिरे मुँह पर रंग है न पानी है