उर्दू शायरी · ग़ज़ल

husn ki chaaragari ne ek karishma kar diya

हुस्न की चारागरी ने एक करिश्मा कर दिया

حسن کی چارہ گری نے ایک کرشمہ کر دیا

शायर: Parvindar shokh5 अशआरउपलब्ध: हिंदी, Roman Urdu, उर्दू

हुस्न की चारागरी ने एक करिश्मा कर दिया
हाथ से छू कर फ़क़त बीमार अच्छा कर दिया

दाल-रोटी खा के मुफ़्लिस काट लेते थे मगर
अब सियासत ने उसे भी ख़्वाब जैसा कर दिया

एक मिसरे पर रुका था सिलसिला जो देर से
उस ने देखा मुस्कुरा कर शे'र पूरा कर दिया

शहर में चेहरे थे यूँ कहने को तो सब मुख़्तलिफ़
इश्क़ ने हर एक चेहरा आप जैसा कर दिया

इक अना जो दिल के अंदर छुप के बैठी थी मिरे
उस ने मेरी हर दुआ को बे-नतीजा कर दिया